एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा। एक के बदले सौ काटूंगा, या अपना शीश कटा दूंगा।
जिन्होंने दिलाई हमें भारतीय होने की पहचान, तुम इसे करो नमन ये मेरे देश के जवान। जिन्होंने दिलाई हमें भारतीय होने की पहचान, तुम इसे करो नमन ये मेरे देश के जवा...
हज़ार गोलियां चली, प्रचंड युद्ध यूँ चला। हुआ समाप्त युद्ध तो न शत्रु एक भी बचा। हज़ार गोलियां चली, प्रचंड युद्ध यूँ चला। हुआ समाप्त युद्ध तो न शत्रु एक भी बचा...
सब भैया मिल, दिवारी गाहें सब भैया मिल, दिवारी गाहें
हर एक इंसान की मेहनत क्या खूब रंग लाती है।। हर एक इंसान की मेहनत क्या खूब रंग लाती है।।
कामयाब न हुई शत्रु की चाल ऊंचा किया भारत का भाल। कामयाब न हुई शत्रु की चाल ऊंचा किया भारत का भाल।